चिड़िया और पेड़

एक बार मैंने अपनी बालकनी से एक पेड़ और चिड़िया की बात सुनी, उसी के कुछ अंश। पेड़: बात मान…मैं बोल रहा हूं ना,उड़ जा चिड़िया: आप ही बताओ कैसे जाऊं, अभी तो बच्चों को ढंग से उड़ना तक नहीं आया है पेड़: तू बात को समझ नहीं रही है, वो तो लाकडाउन की वजहContinue reading “चिड़िया और पेड़”

यह कैसा समय है? (हिन्दी अनुवाद)

Original – What Kind Of Times Are These? By Adrienne Rich नोट: यह शब्दशः अनुवाद नहीं है, रूह को पकड़ने की कोशिश है । यहां से कुछ दूर पर एक जगह है, जहां दो रास्ते मिलते हैं,एक रास्ते पर दो काफ़ी लंबे पेड़ों के बीच हरी घांस अब भी उग रही हैऔर दूसरे रास्ते परContinue reading “यह कैसा समय है? (हिन्दी अनुवाद)”