भगवान और दादा

जब रात अच्छी होती है,तो दादाजी भगवान के कमरे में सोते हैंजब रात बुरी होती हैतो भगवान जी दादा के कमरे में सोते हैंमैं दोनों के बीच में सोता हूंकभी भगवान की तरफ़ वाली खिड़कीप्रकृति के सुहावने गीत गुनगुनाती हैकभी दादा की तरफ़ वाली खिड़कीबुढ़ापे की गाथा कराहती है।