नशे में धूत

जब हम लाखों टन अनाज को सड़ते देख कुछ नहीं कहते,जब उस लाखों टन सड़े अनाज को शराब में घुलते देख कुछ नहीं कहते,तो हम सब बिना पिये नशे में धूत हैंऔर नशे में धूत लोगों को अपनी लाचारी नहीं दिखतीदूसरों की लाचारी की बात तो छोड़ ही दीजिए…