ज़िम्मेदारी

कभी कभी किसी भी कारण वश हम गलत ज़िम्मेदारी उठाने लगते हैं,जैसे हम ना जाने कितनी बारमौत को अपने पास लाने की ज़िम्मेदारीखुद लेने लगते हैंऔर जो हमारी असली ज़िम्मेदारी हैज़िन्दगी जीते रहने कीउससे भटक जाते हैंमौत तो हमारे पास चलकर आ जायेगीथोड़ा ज़िंदगी के पास भी जाकर देखेंअच्छा लगेगा।