सपनों का किनारा

सपनों के किनारे पे बैठे थे तीन यारएक के लिए बाप दादा का बड़ा जहाज आयाऔर वो विदेश निकल लियादूसरे के लिए एक नाव अाईजिसे उसके मां और पिता नेबड़ी मेहनत से बनाया थादूसरा उसमें बैठा और बड़े शहरनिकल लियातीसरे ने इंतजार कियासोचा कोई तो आएगाकोई आया तो सहीपर उसे धक्का देकर चला गयाथोड़ी देरContinue reading “सपनों का किनारा”