जब भी तेरी याद आती है

एक आस पास में आती हैऔर कान में चुपके से कह जाती है,क्या अब भी बचा है प्यार…अभी बता दोअभी बता दो,क्योंकिइस बारउम्मीद का बल्बदिल को रोशन करने मेंथोड़ा ज़्यादा समय लेगा।

ज़िम्मेदारी

कभी कभी किसी भी कारण वश हम गलत ज़िम्मेदारी उठाने लगते हैं,जैसे हम ना जाने कितनी बारमौत को अपने पास लाने की ज़िम्मेदारीखुद लेने लगते हैंऔर जो हमारी असली ज़िम्मेदारी हैज़िन्दगी जीते रहने कीउससे भटक जाते हैंमौत तो हमारे पास चलकर आ जायेगीथोड़ा ज़िंदगी के पास भी जाकर देखेंअच्छा लगेगा।

तुम्हारा गुस्सा तुम्हें कहां ले जाता है?

क्या तुम्हारा गुस्सा किसी के टाइमलाइन पर जाकर गाली देने के बाद तुम्हें छोड़ देता है?या वो सचमुच मदद करता है गलत के खिलाफ आवाज उठाने को । क्या वो तुम्हें खुदको शिकार और सामने वाले को शिकारी बोलने के लिए भड़काता है?या वो दोनों को इंसान की तरह देखने में मदद करता है। क्याContinue reading “तुम्हारा गुस्सा तुम्हें कहां ले जाता है?”

कैमरे में बन्द अपाहिज – रघुवीर सहाय

हम दूरदर्शन पर बोलेंगेहम समर्थ शक्तिवानहम एक दुर्बल को लाएंगेएक बंद कमरे मेंउससे पूछेंगे तो आप क्या आपाहिज हैं ?तो आप क्यों अपाहिज हैं ?आपका अपाहिजपन तो दुख देता होगादेता है ?(कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)हां तो बताइए आपका दुख क्या हैजल्दी बताइए वह दुख बताइएबता नहीं पाएगासोचिएबताइएआपको अपाहिज होकर कैसा लगता हैकैसायानी कैसा लगता है(हम खुद इशारेContinue reading “कैमरे में बन्द अपाहिज – रघुवीर सहाय”

बॉम्ब स्क्वाड का कुत्ता

एक बार बॉम्ब स्क्वाड के कुत्ते से मैंने पूछातुम्हें बारूद ढूंढते हुएइब्राहीम के इत्र की खुशबू अायीया शिव के धतूरे कीवह गुराया…मैं पीछे हटाउसने गुस्से में जवाब दियामुझे तो बसउन दोनों के बीचनफ़रत फैलाने वालेकी बदबू अायी।

सपनों के बीज

हम सब अपने सपनों को बोते हैंपर सबकी ज़मीन एक सी नहीं होतीसबको एक सी धूप नहीं मिलतीकांटे सबके हिस्से आते हैंपर सबको माली की मदद नहीं मिलती अकेले रहकर भी जो ठान ले तोकांटों में भी गुलाब उगादेसाथ मिलने पर भी जो भटके तोसूरजमुखी की भी चमक लुटा दे लहलहाकर खुदकभी जो सहरा देContinue reading “सपनों के बीज”

सच

सचसच के मायने बदल गए हैंहम बस दो सच ही समझते हैंपहले ही माना हुआ सचदूसरों को झूठलाता सचहमने अपने मन के एक तरफ कालीऔर एक तरफ सफेद स्याही पोत ली हैफिल्म में, टीवी में, इंटरनेट परसब जगह हमअपने माने हुए सच कोऔर सच बनाने केतरीक़े खोज रहे हैंताकि दूसरों की नज़रों मेंजब खुद कोContinue reading “सच”

सपनों का किनारा

सपनों के किनारे पे बैठे थे तीन यारएक के लिए बाप दादा का बड़ा जहाज आयाऔर वो विदेश निकल लियादूसरे के लिए एक नाव अाईजिसे उसके मां और पिता नेबड़ी मेहनत से बनाया थादूसरा उसमें बैठा और बड़े शहरनिकल लियातीसरे ने इंतजार कियासोचा कोई तो आएगाकोई आया तो सहीपर उसे धक्का देकर चला गयाथोड़ी देरContinue reading “सपनों का किनारा”

Waqt- Ek Makeup Artist

Kitni khoobsurti se waqt chehre ka makeup karta hai Bachpan ke kit main se choti-choti aankhein nikalta hai Aur unhe bade saleeke se fit karta hai Gaal main hansi ke gubaare bhar deta hai Aur aankhon main zidd ke aansu Kitni khoobsurti se waqt chehre ka makeup karta hai Jawaani ke brush se maarta haiContinue reading “Waqt- Ek Makeup Artist”