सपनों के बीज

हम सब अपने सपनों को बोते हैंपर सबकी ज़मीन एक सी नहीं होतीसबको एक सी धूप नहीं मिलतीकांटे सबके हिस्से आते हैंपर सबको माली की मदद नहीं मिलती अकेले रहकर भी जो ठान ले तोकांटों में भी गुलाब उगादेसाथ मिलने पर भी जो भटके तोसूरजमुखी की भी चमक लुटा दे लहलहाकर खुदकभी जो सहरा देContinue reading “सपनों के बीज”

सपनों का किनारा

सपनों के किनारे पे बैठे थे तीन यारएक के लिए बाप दादा का बड़ा जहाज आयाऔर वो विदेश निकल लियादूसरे के लिए एक नाव अाईजिसे उसके मां और पिता नेबड़ी मेहनत से बनाया थादूसरा उसमें बैठा और बड़े शहरनिकल लियातीसरे ने इंतजार कियासोचा कोई तो आएगाकोई आया तो सहीपर उसे धक्का देकर चला गयाथोड़ी देरContinue reading “सपनों का किनारा”

The Last Wish

An old man was on his deathbed. He saw the ultimate dream of his life, ‘A Garden Of Dreams’. A garden where all his dreams became potted plants. Some plants were totally ruined, some on the verge of drying up, while some bloomed beautifully. There was this plant of little hockey sticks which completely witheredContinue reading “The Last Wish”