मैं हूं थाली

मैं हूं थाली,पिछले कुछ महीनों में,सबसे गरीब लोगों के घर मेंमैं ज़्यादा ही खाली होती गईऔर सबसे अमीर लोगों के घर मेंज़रूरत से ज़्यादा भरती गईमिडल क्लास मुझेबजाते रहेऔर नेता उनकी थाली में डोनेशनके नाम पर छेद करकेअपने लिए नए महलबनाते गएमैं हूं थाली।

रोटी, कपड़ा और मकान

सड़क पर निकले तोदवाई छिड़क दी,रेल की खिड़की मेंनंगे बदन से भी पैसा मांग लियाट्रेन शुरू हुई तो बिल्डर्स के साथ मीटिंग करकेमजदूरों को कैद कर लिया गयाउनके जाने पर रोक लगा दीक्या ताकतवर अपनी बची कुची शर्मडोलोगाना कॉफी में मिला कर पी गएउनका क्या कसूर हैयही की वह हमारे घर बनाते हैंहमारे लिए अनाजContinue reading “रोटी, कपड़ा और मकान”

टफी जी और लॉकडाउन

नेताजी की पत्नी जब ब्याह कर आयी तो अपने संस्कारों का प्रमाण पत्र, टफी जी के रूप में लेकर आई । एक बहुचर्चित फिल्म के कारण दुनिया के सारे ‘टफी’ सबसे संस्कारी कुत्ते कहलाने लगे थे। उस फिल्म के हीरो को भी जानवरों से खूब प्यार था। खैर वो तो किसी और दिन की बातContinue reading “टफी जी और लॉकडाउन”

मध्य प्रदेश और कोरोना

कहानी शुरू होती है दिल्ली सेजब नेताजी ने विधायकों की बोली लगाईऔर टीवी पर बोले, ‘कोरोना वोरोना कुछ नहीं होता’सियासी मूजिकल चेयर मेंजनता का तानपुरा बजना शुरू हुआदूसरी तान दी,वॉट्सएप यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले लोगों ने जिन्होंने २०२० में ना जाने कौनसा वर्ल्ड कप जीतातीसरी तान दी मौलवी नेजिसने धर्म की ऐसी गलत पट्टीContinue reading “मध्य प्रदेश और कोरोना”

राम रामलाल

वह चला था चौदह बरस तकअब उसे तुम चार दिवारी में बंद करउसके नाम पे लड़ कर धंधा खोलना चाहते होऔर उसे धर्म बताते होजब कर रहे हो उसका १००८ बार गुणगान टीवी के सामनेकोई रामलाल पैदल ही जा रहा है १००८ किलोमीटर अपने परिवार के पासतुम पूछते हो मैं तो घर में बैठकर क्याContinue reading “राम रामलाल”