कैमरे में बन्द अपाहिज – रघुवीर सहाय

हम दूरदर्शन पर बोलेंगेहम समर्थ शक्तिवानहम एक दुर्बल को लाएंगेएक बंद कमरे मेंउससे पूछेंगे तो आप क्या आपाहिज हैं ?तो आप क्यों अपाहिज हैं ?आपका अपाहिजपन तो दुख देता होगादेता है ?(कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)हां तो बताइए आपका दुख क्या हैजल्दी बताइए वह दुख बताइएबता नहीं पाएगासोचिएबताइएआपको अपाहिज होकर कैसा लगता हैकैसायानी कैसा लगता है(हम खुद इशारेContinue reading “कैमरे में बन्द अपाहिज – रघुवीर सहाय”