14 Hours & 14 Years

It was 14 years since she was laying stillNot moving an inchEverybody lost hopeFirst it was friendsThen relativesThen their kidsEverybody left one after anotherOnly he waitedWaited for a sign by herHe can hear her heartbeat for 14 yearsAnd that’s what kept him goingAnd yeah there was one more thingThat poemHe narrated everydayThat poemShe narratedWhen theyContinue reading “14 Hours & 14 Years”

आदरणीय व्हाट्सएप अंकल – एपिसोड २

आदरणीय व्हाट्सएप अंकल,आशा है आप सकुशल होंगे और भक्ति में लीन होंगेसुना है आप कोविड वैक्सीन लगवाने ब्रिटेन की यात्रा पर जा रहे हैं, बढ़िया है, मगर मेरा मानना है एक बार आयुर्वेद के डॉक्टर की सलाह लेकर देखें, शायद सरकार ने उन्हें कुछ सोच समझ कर ही सर्जरी की परमिशन दी होगी। मैं तोContinue reading “आदरणीय व्हाट्सएप अंकल – एपिसोड २”

चिड़िया और पेड़

एक बार मैंने अपनी बालकनी से एक पेड़ और चिड़िया की बात सुनी, उसी के कुछ अंश। पेड़: बात मान…मैं बोल रहा हूं ना,उड़ जा चिड़िया: आप ही बताओ कैसे जाऊं, अभी तो बच्चों को ढंग से उड़ना तक नहीं आया है पेड़: तू बात को समझ नहीं रही है, वो तो लाकडाउन की वजहContinue reading “चिड़िया और पेड़”