कैमरे में बन्द अपाहिज – रघुवीर सहाय

हम दूरदर्शन पर बोलेंगेहम समर्थ शक्तिवानहम एक दुर्बल को लाएंगेएक बंद कमरे मेंउससे पूछेंगे तो आप क्या आपाहिज हैं ?तो आप क्यों अपाहिज हैं ?आपका अपाहिजपन तो दुख देता होगादेता है ?(कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)हां तो बताइए आपका दुख क्या हैजल्दी बताइए वह दुख बताइएबता नहीं पाएगासोचिएबताइएआपको अपाहिज होकर कैसा लगता हैकैसायानी कैसा लगता है(हम खुद इशारेContinue reading “कैमरे में बन्द अपाहिज – रघुवीर सहाय”

यह कैसा समय है? (हिन्दी अनुवाद)

Original – What Kind Of Times Are These? By Adrienne Rich नोट: यह शब्दशः अनुवाद नहीं है, रूह को पकड़ने की कोशिश है । यहां से कुछ दूर पर एक जगह है, जहां दो रास्ते मिलते हैं,एक रास्ते पर दो काफ़ी लंबे पेड़ों के बीच हरी घांस अब भी उग रही हैऔर दूसरे रास्ते परContinue reading “यह कैसा समय है? (हिन्दी अनुवाद)”

कोई खतरा नहीं- ओमप्रकाश वाल्मीकि

शहर की सड़कों पर दौड़ती-भागती गाड़ियों के शोर में सुनाई नहीं पड़ती सिसकियाँ बोझ से दबे आदमी की जो हर बार फँस जाता है मुखौटों के भ्रमजाल में जानते हुए भी कि उसकी पदचाप रह जाएगी अनचीन्ही नहीं आएगा उसके हिस्से समन्दर की रेत में पड़ा सीपी का मोती लहरें नहीं धोएँगी पाँव हवाएँ भीContinue reading “कोई खतरा नहीं- ओमप्रकाश वाल्मीकि”

If World Loses Its Heart

If world loses its light What will I do with morning What will I do with summer I will retreat in you If world loses its colour What will I do with dusk What will I do with spring I will mix with you If world loses its melody What will I do with raindropsContinue reading “If World Loses Its Heart”

Happy Diwali

  हमें अदाएं दिवाली की ज़ोर भाती हैं I कि लाखों झमकें हर एक घर में जगमगाती हैं II चिराग जलते हैं और लौयें झिलमिलाती हैं I मकां मकां में बहारें ही झमझमाती हैं II खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं I बताशे हँसते हैं और खीलें खिल खिलाती हैं II1 गुलाबी बर्फियों केContinue reading “Happy Diwali”

हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये

हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये अपनी कुरसी के लिए जज्बात को मत छेड़िये हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है दफ़्न है जो बात, अब उस बात को मत छेड़िये ग़र ग़लतियाँ बाबर की थीं; जुम्मन का घर फिर क्यों जले ऐसे नाजुक वक्त में हालात को मत छेड़िये हैं कहाँContinue reading “हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये”