ज़िम्मेदारी

कभी कभी किसी भी कारण वश हम गलत ज़िम्मेदारी उठाने लगते हैं,जैसे हम ना जाने कितनी बारमौत को अपने पास लाने की ज़िम्मेदारीखुद लेने लगते हैंऔर जो हमारी असली ज़िम्मेदारी हैज़िन्दगी जीते रहने कीउससे भटक जाते हैंमौत तो हमारे पास चलकर आ जायेगीथोड़ा ज़िंदगी के पास भी जाकर देखेंअच्छा लगेगा।

फैमिली फोटो

रिश्तों को टिका कर रखने के लिएदिल की दीवार सेईगो की सीलन को हटाना पड़ता हैऔर कॉम्प्रोमाइज की कील ठोककरफैमिली फोटो लगाना पड़ता है।

Aadarniya Whatsapp Uncle Episode -3

Aaj aapne phirse ek misogynist joke group main forward kiya, jiske reply main ek do uncle ke alawa koi nahi hansa. Aapke inn forwards se group ke non bigots utne hi uncomfortable hote hain jitne pradhan sevak ji press conference ka naam sunke. Khair agar mansplaining Olympic sport hota toh India ko gold jeetne seContinue reading “Aadarniya Whatsapp Uncle Episode -3”

14 Hours & 14 Years

It was 14 years since she was laying stillNot moving an inchEverybody lost hopeFirst it was friendsThen relativesThen their kidsEverybody left one after anotherOnly he waitedWaited for a sign by herHe can hear her heartbeat for 14 yearsAnd that’s what kept him goingAnd yeah there was one more thingThat poemHe narrated everydayThat poemShe narratedWhen theyContinue reading “14 Hours & 14 Years”

तुम्हारा गुस्सा तुम्हें कहां ले जाता है?

क्या तुम्हारा गुस्सा किसी के टाइमलाइन पर जाकर गाली देने के बाद तुम्हें छोड़ देता है?या वो सचमुच मदद करता है गलत के खिलाफ आवाज उठाने को । क्या वो तुम्हें खुदको शिकार और सामने वाले को शिकारी बोलने के लिए भड़काता है?या वो दोनों को इंसान की तरह देखने में मदद करता है। क्याContinue reading “तुम्हारा गुस्सा तुम्हें कहां ले जाता है?”