God’s Home

Do you really think God lives in a building with four walls? Buildings with 20-feet walls which have inscription of His own stories Do you really think He is so self-obsessed? Buildings that have pillars craved with women bowing down at the entrance Do you really think He is a misogynist? Buildings that doesn’t letContinue reading “God’s Home”

जान और संसद

एक आदमीजान से मर रहा हैएक आदमी जान बचा रहा हैएक तीसरा आदमी भी हैजो ना जान बचाता है, ना कोशिश करता हैवह सिर्फ़ दूसरों की जान से खेलता हैमैं पूछता हूँ–‘यह तीसरा आदमी कौन है ?’मेरे देश की संसद मौन है। धूमिल की कविता रोटी और संसद से प्रेरित

टफी जी और लॉकडाउन

नेताजी की पत्नी जब ब्याह कर आयी तो अपने संस्कारों का प्रमाण पत्र, टफी जी के रूप में लेकर आई । एक बहुचर्चित फिल्म के कारण दुनिया के सारे ‘टफी’ सबसे संस्कारी कुत्ते कहलाने लगे थे। उस फिल्म के हीरो को भी जानवरों से खूब प्यार था। खैर वो तो किसी और दिन की बातContinue reading “टफी जी और लॉकडाउन”

मध्य प्रदेश और कोरोना

कहानी शुरू होती है दिल्ली सेजब नेताजी ने विधायकों की बोली लगाईऔर टीवी पर बोले, ‘कोरोना वोरोना कुछ नहीं होता’सियासी मूजिकल चेयर मेंजनता का तानपुरा बजना शुरू हुआदूसरी तान दी,वॉट्सएप यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले लोगों ने जिन्होंने २०२० में ना जाने कौनसा वर्ल्ड कप जीतातीसरी तान दी मौलवी नेजिसने धर्म की ऐसी गलत पट्टीContinue reading “मध्य प्रदेश और कोरोना”

Heart Inc.

When we are in loveWith oneself or someone elseThere are some workers in our heartWho process everything we feelInto a thing of beautyBut when our heart is brokenDoes these workers go on a lockdownDoes the creation of beauty comes to a haltNot really,It just slows downAs the workers now divideOne half keep creating beautyStimulated byMemesContinue reading “Heart Inc.”

राम रामलाल

वह चला था चौदह बरस तकअब उसे तुम चार दिवारी में बंद करउसके नाम पे लड़ कर धंधा खोलना चाहते होऔर उसे धर्म बताते होजब कर रहे हो उसका १००८ बार गुणगान टीवी के सामनेकोई रामलाल पैदल ही जा रहा है १००८ किलोमीटर अपने परिवार के पासतुम पूछते हो मैं तो घर में बैठकर क्याContinue reading “राम रामलाल”