सच और झूठ

सच से दूर भागते हैँ हम , झूठ के पास जाते हैं हम। झूठ बोलकर इतराते हैं हम, सच बोलकर घबराते हैं हम। हम सच से क्यों डरते हैं, झूठ पर क्यों मरते हैं। हर जीत सच्चाई से मिलती है, ये पता होने के बावजूद झूठ को नहीं तजते हैं हम। सच बोलकर नोट परContinue reading “सच और झूठ”

एक नन्ही रूह का पैग़ाम

आज देल्ही पब्लिक स्कूल के बच्चे के ख़्वाब में आर्मी स्कूल, पेशावर के बच्चे की रुह आई। उसने कहा की जिन बच्चों के पापा आर्मी मैं है, उनको मेरी तरफ से एक पैग़ाम देना। सियासत ने उन्हें गुमराह किया है। उन्हें सीमा पर पता नहीं क्यों भेजा है, असल में दहशत सीमा पर नहीं हमारेContinue reading “एक नन्ही रूह का पैग़ाम”